2020 में मकबूल होने वाले ये 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

2020 में मकबूल होने वाले ये 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

साल 2020 की शुरुआत में, पाकिस्तानी ड्रामा इंडस्ट्री एक नई दिशा में बढ़ रहा था और नए साल की शुरुआत पाकिस्तानी ड्रामों कहानियों के चर्चों के साथ हुआ था। हालाँकि, वैश्विक कोरोना वायरस महामारी, लॉकडाउन और बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण ड्रामा इंडस्ट्री पर भी भारी मार पड़ी, लेकिन इस साल भी कुछ सीरियल ड्रामें दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहीं।

अमूमन पाकिस्तानी सीरियल्स में आमतौर पर महिलाओं को कमजोर दिल और रोने वाले किरदार के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन इस साल के नाटकों में महिलाओं का नकारात्मक चित्रण भी देखा गया है, जिस पर वाद-विवाद शुरू हुआ। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के ड्रामें बनाने चाहिए।

साल 2020 में, कोरोना वायरस के अलावा, पाकिस्तानी टेलिवीजन पर तुर्की का ड्रामा ‘दिरलिस एर्तरुल’ का उर्दू में अनुवाद भी किया गया और पीटीवी पर टेलिकास्ट भी किया गया था। इसके बाद पाकिस्तानी ड्रामा इंडस्ट्री की आलोचना भी की गई कि पाकिस्तान में भी ऐसे इस्लामिक कहानियों पर सीरियल और ड्रामें क्यों नहीं बनते।

इन सभी चुनौतियों के बावजूद, इस बार भी कुछ ड्रामें बनाए गए, जिन्होंने अपनी दिलचस्प कहानी के कारण बहुत लोकप्रियता हासिल की और अपनी अलग जगह बनाई। नीचे हम उन पाकिस्तानी नाटकों के बारें में बताने जा रहे हैं जिन्होंने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

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ननद

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

2020 के सबसे लोकप्रिय पाकिस्तानी सीरियल्स में से एक था- नींद। जो एक सास-बहू के झगड़े के बजाय एक झगड़ालू और षड्यंत्रकारी ननद की कहानी के आस-पास घूमता है। नाटक 4 अगस्त, 2020 को निजी चैनल ARY पर प्रसारित होना शुरू हुआ और अब भी इसका प्रसारण जारी है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह ड्रामा खलनायक पर आधारित है। हालांकि, अमूमन नाटकों के नाम आमतौर पर नायिका-नायक की कहानी पर आधारित होते हैं।

‘ननद’ का किरदार सीरियल में अभिनेत्री फैजा हसन ने गौहर की भूमिका में निभाई, जो ईर्ष्या की आग में जलती है और अपने ही भाई के जीवन को खराब करती है और अपनी भाभी राबी (मनाल खान) पर तलाक का आरोप लगाकर उसे तलाक दिलवा देती है और इसके बाद वह अपनी दूसरी भाभी को भी तलाक देने की कोशिश करती है।

हालाँकि, मामला यहीं तक नहीं रुकता है, बल्कि गौहर की चालाकी उसके ऊपर हावी हो जाती है जब उसी का पति उसकी पूर्व भाभी से शादी करता है और गौहर को तलाक दे देता है। उसके बाद वह मानसिक संतुलन खो देती है।

ड्रामा एक पारिवारिक षड्यंत्र पर आधारित है जिसमें गौहर मुख्य किरदार में है। लेकिन ननद में कई स्थानों पर दर्शकों ने महसूस किया कि नाटक समाप्त हो गया है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मुख्य किरदार गौहर अचानक बदल गई है। हालांकि, दर्शकों ने इस बदलाव को पसंद नहीं किया।

‘ननद’ की कहानी समीना एजाज़ ने लिखी है, जिसमें फ़ैज़ा हसन, मनल ख़ान, शाहरोज़ सब्ज़वारी, एजाज़ असलम, अयाज़ सामू, टीपू शरीफ़, संबल अंसारी, फ़िज़ा इज़ान, महेश कुरैशी और अन्य कलाकारों ने किरदार निभाया है। अब फ़िज़ा हसन के मुख्य किरदार को जावरिया सऊद से बदल दिया गया है लेकिन नाटक की लोकप्रियता कम नहीं हुई है।

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जलन

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

बहनोई और साली के बीच इश्क और शाही की कहानी के इर्द-गिर्द घूमने वाला सीरियल है- जलन। सोशल मीडिया पर इस ड्रामें को लेकर काफी विवाद भी हुआ और लंबा बहस भी चला।

इस नाटक की कहानी ‘निशा’ (मनल खान) नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बहन को दौलत की लालच में तलाक दिलवा देती है और उसके पति असफंदयार (अमाद इरफानी) से शादी कर लेती है। इस बात के गम में उसकी बड़ी बहन ‘मिशा (अरीबा हबीब) आत्महत्या कर लेती है।

ड्रामे का अंजाम असफंदयार की मिशा को धोखा देने के गम में मौत और निशा के कार एक्सीडेंट में झुलसकर दर्दनाक तन्हा जिंदगी गुजारने को दिखाया गया है।

हालाँकि, इसके प्रसारण के दौरान सीरियल को बहुत सारा विवाद का सामना करना पड़ा। ड्रामे का टीज़र आते ही आलोचना शुरू हो गई। इसकी कहानी के कारण, पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) ने सामग्री को लेकर सितंबर में चेतावनी जारी की और उसके बाद प्रतिबंध भी लगाया गया। हालांकि, बाद में सिंध उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंध हटा दिया गया और प्रसारण फिर से शुरू हो गया।

इस ड्रामे की कहानी की शुरुआत में दर्शकों की ओर से आलोचना की गई थी, लेकिन जों जों ड्रामा क्लाइमेक्स और फिर निशा के अंजाम पर पहुंचा, उसके बाद दर्शकों ने सीरियल की काफी सराहना की। हालांकि, कुछ दर्शकों का मानना था कि निशा का अंजाम जिस तरह से दिखाया गया वह ठीक नहीं था।

‘जलन’ की कहानी सेहर इमरान ने लिखी थी। नाटक में 31 एपिसोड शामिल थे जो इस साल जून और दिसंबर के बीच टेलिकास्ट किए गए।

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राज-ए-उल्फत

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

हाल ही में खत्म हुआ रोमांटिक ड्रामा ‘राज-ए-उल्फत’ भी टीवी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि ‘प्यार’ भरोसे का नाम है। ड्रामे में, युमना जैदी ने ‘मुश्क’ में मुख्य भूमिका निभाई है। और शहजाद शेख ने उनके प्यार ‘इर्तज़ा’ की भूमिका निभाई है, जबकि गौहर राशिद ने उनके पति ‘इस्माइल’ की भूमिका निभाई है। वहीं कोमल अज़ीज़ खान ने उनके दोस्त की भूमिका निभाई है और बाद में धोखेबाज दोस्त ‘सेहबा’ का किरदार अदा किया है।

‘राज-ए-उल्फत’ की कहानी मुश्क के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता के सिद्धांतों के अनुसार जिन्दगी गुजारती है, लेकिन बाद में पढ़ाई के दौरान, वह अपने दोस्त साहा की मॉडर्न लाइफ स्टाइल से प्रभावित हो जाती है।

ड्रामा दिखाया गया है कि सेहबा और मुश्क दोनों की इर्तजा को पसंद करती हैं लेकिन इर्तजा मुश्क को पसंद करता है। लेकिन सेहबा के चाल में फंस कर वह मुश्क के प्यार को खारिज कर देता है जिसके बाद मुश्क की शादी इस्माइल से हो जाती है।

हालांकि, नाटक के अंत में, जब सेहबा की हकीकत सामने आती है, तो इर्तजा, मुश्क की तरफ हाथ बढ़ाता है लेकिन वह इस्माइल को चुनती है।

यह ड्रामा 38 एपिसोड में अप्रैल और दिसंबर के बीच प्रसारित किया गया था। इसकी कहानी माहा मलिक ने लिखी थी। वैसे तो यह ड्रामा बेहद पसंद किया गया लेकिन जब गौहर रशीद को एक यामीना के पति के रूप में दिखाया तो दर्शकों ने ये सवाल उठाया कि अक्सर उन्हें उन लड़कियों के पति के रूप में क्यों दिखाया जाता है जो प्यार में विफल रही हैं।

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प्यार के सदके

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

ड्रामा ‘प्यार के सदके’ ने बीते साल दर्शकों के दिलों में जगह बनाई और इसके हर किरदार ने अपने जीवंत अभिनय और शानदार कहानी के चलते मकबूलियत हासिल की। ‘प्यार के सदके’ में, बिलाल अब्बास ने कमतरी के शिकार लड़के की भूमिका निभाई है, जिसके सौतेले बाप ने उसे डरा-धमका कर उसके व्यक्तित्व को विकृत कर दिया था। उनकी पत्नी का किरदार युमना जैदी ने निभाया है, जो बहुत सुंदर है पर वह थोड़ी बेवकूफ होती है। और उनका सौतेला ससुर ही उनसे शादी करना चाहता है। और बाद में अपने अंजाम तक पहुँचता है।

नाटक में, अभिनेत्री अतीक ओढो ने एक अमीर खातुन की भूमिका निभाई थी, जो एक विधवा होने के नाते, अपने से छोटे उम्र (उमैर राणा) के व्यक्ति से शादी करती है। जो वास्तव में उनकी संपत्ति की लालच में शादी करता है। ड्रामा में बिलाल अब्बास ने अतीक ओढो के बेटे और सराह असगर ने बेटी की भूमिका निभाई है। जबकि युमना जैदी ने उनकी बहू की भूमिका निभाई है।

इस नाटक की कहानी ज़ांज़ीबाल असीम शाह द्वारा लिखी गई थी और इसे निजी चैनल हम टीवी और पीटीवी पर एक साथ प्रसारित किया गया था। हालांकि, ड्रामा खत्म होने के बाद, PEMRA ने इस आधार पर अपने रीप्ले पर प्रतिबंध लगा दिया कि उसमें ‘सामाजिक और धार्मिक मूल्यों’ का खंडन किया है। यह सीरियल जनवरी से अगस्त 2020 के बीच कुल 30 एपिसोड में प्रसारित किया गया।

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इश्किया

इस साल, मुहब्बत और उसके बाद बेवफाई के नतीजे में बदला लेने की कहानी पर आधारित नाटक ‘इश्किया’ को प्रशंसकों ने खूब सराहा। ‘इश्किया’ की कहानी दो बहनों हमना (रमशा खान) और रोमिसा (हनिया आमिर) के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दिखाया गया है कि हमना और हमज़ा (फ़िरोज़ खान) कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे के प्यार में पड़ते हैं। लेकिन हमना अपनी पिता की इच्छा के लिए अज़ीम (गौहर राशिद) से शादी करती है।

हमजा को हमना का किसी और से निकाह करना बेवफाई लगता है और उससे बदला लेने के लिए रोमिसा से शादी कर लेता है। सीरियल में रोमिसा को एक बहुत ही चंचल लड़की के रूप में दिखाया गया। हालांकि, सच्चाई सामने आने के बाद, रोमिसा, हमजा से खुला ले लेती है और वह तन्हा रह जाता है।

इस नाटक की कहानी मोहसिन अली शाह द्वारा लिखी गई थी। इस नाटक में 28 एपिसोड शामिल थे जिन्हें फरवरी और अगस्त के बीच प्रस्तुत किया गया।

ऐसा माना जाता है कि सीरियल के पहले दो से तीन एपिसोड दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई थी लेकिन जब हमजा ने रोमिसा से शादी की, तो ड्रामे की लोकप्रियता का ग्राफ भी बढ़ने लगा। हालांकि, सितंबर में गैर-अखलाकी होने की बुनियाद पर इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था।

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सबात

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

2020 में कमजोर और नाजुक शरीर के पात्रों के बजाय, मजबूत महिलाओं वाली भूमिकाएं, वर्ग मतभेद, ईर्ष्या और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर करने वाला ड्रामा ‘सबात’ भी काफी मकबूल हुआ।

इस नाटक में सीमी राहिल को एक मध्यवर्गीय महिला के रूप में दिखाया हैं, जो मुश्किल समय में अपने पति और बेटी का सहारा बनती है। और लीला ज़ुबैरी को दौलतमंद अमीर परिवार को साथ रखने की कोशिश कर रहे जोड़े के रूप में दिखाया गया है।

सबात में अभिनेत्री अनाया ने मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि सारा खान ने उनकी ननद मिराल फरीद की नकारात्मक भूमिका निभाई, जो अपनी भाभी से नफरत करती है और मनोवैज्ञानिक समस्याओं से ग्रस्त है। सीरियल में सारा खान की भूमिका और अभिनय को बहुत सराहा गया जिसके कारण उन्हें काफी लोकप्रियता हासिल हुई।

दूसरी ओर, मावरा होकेन को एक मध्यवर्गीय लड़की के रूप में चित्रित किया गया है, जो उत्पीड़न से लड़ती है और मिराल की साजिशों के बावजूद, अपने ससुर और माइके में अपना रुतबा हासिल करती है।

इसकी कहानी काशिफ अनवर द्वारा लिखी गई थी। इसमें कुल 28 एपिसोड शामिल थे। यह मार्च से अक्टूबर के बीच प्रसारित किया गया था।

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मुकद्दर

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2020 में ही फैसल कुरैशी ने ‘मुकद्दर’ ड्रामा में एक सामंती जागीरदार की नकारात्मक भूमिका निभाई, जिसमें वह मदीहा इमाम के प्रतिद्वंद्वी के रूप में दिखाई दिए। ‘मुकद्दर’ की कहानी में ‘जागीरदार सैफ-उर-रहमान (फैसल कुरैशी) को आरजे राइमा (मदीहा इमाम) से पहली नजर में प्यार हो जाता है, जो पहले से ही किसी और की मंगेतर हैं। और जल्द ही उनकी शादी उनके ममेरे भाई हारिस (अली अंसारी) से शादी होने वाली होती है। लेकिन सैफ-उर-रहमान, राइमा का अपहरण कर लेता है और जबरन उससे शादी कर लेता है और अपनी हवेली की बीबी सरकार का दर्जा देता है।

हालांकि, नाटक के अंत में, सैफ-उर-रहमान की पहली पत्नी फरखुंदा (आयशा गुल) द्वारा राइमा पर जानलेवा हमले के परिणामस्वरूप फैज़ल कुरैशी की मौत और उसके बाद राइमा को उसके साथ प्यार में तन्हा जिंदगी गुजारते दिखाया गया। नाटक की लोकप्रियता मुख्य रूप से फैसल कुरैशी के किरदार के कारण हुई थी लेकिन जबरन शादी और अंत में मुख्य किरदार की मौत ने भी दर्शकों को निराश किया। इसकी कहानी इकबाल बानो ने लिखी थी। इसमें 38 एपिसोड शामिल थे और फरवरी से नवंबर के बीच प्रसारित किया गया।

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दिवानगी

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पाकिस्तानी धारावाहिक ‘दीवानगी’ ने भी साल में अपनी कहानी के कारण लोकप्रियता हासिल की। यह भी प्यार को पाने और बदला लेने के चारों ओर घूमती है। दिवानगी की कहानी एक गरीब लड़की नगिन फैयाज (हिबा बुखारी) और सुल्तान दुर्रानी (दानिश तैमूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। सुलतान नगिन के प्यार में पड़ जाता है और उससे शादी करना चाहता है, लेकिन शादी ऐन मौके पर नगिन का अपहरण हो जाता है और दोनों शादी नहीं हो पाती है। अपहरण के पीछे नरमिन (जोया नासिर) का हाथ होता है। ड्रामे में सुल्तान और नरमिन के षड्यंत्रों और हारून (अली अब्बास) जैसे सहायक के साथ दिखाया गया है।

दिवानगी में, यह दिखाया गया कि नरमिन की सच्चाई सामने आने के बाद, सुल्तान कैसे नगिन के विवाहित जीवन को बिगाड़ता है और नगिन कैसे अपने जीवन में मुश्किलों का सामना करती है।

यह सीरियल नगिन के हाथों सुल्तान की मौत के साथ समाप्त होती है। वह उसे गोली मार देती है। अधिकांश दर्शकों ने नगिन के शूटिंग स्टाइल को काफी पसंद किया था। इस नाटक का अंतिम एपिसोड का दृश्य पिछले दिनों वायरल हुआ था।

ड्रामे की कहानी सदिया अख्तर ने लिखा था। इसे 41 एपिसोड में दिसंबर 2019 से अगस्त 2020 के बीच टेलिकास्ट किया गया।

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मुश्क

2020 में मकबूल होने वाले 9 पाकिस्तानी ड्रामे आपको जरूर देखनी चाहिए

धारावाहिक ‘मुश्क’ 2020 में काफी मकबूल हुआ था। यह अन्य नाटकों की तुलना में पूरी तरह से अनूठी कहानी और अभिनय पर आधारित थी। ‘मुश्क’ के बारे में चर्चाएँ उसके रिलीज से पहले ही शुरू हो गई थीं। अभिनेत्री उर्वा होकेन 4 साल के अंतराल के बाद छोटे पर्दे पर इसके साथ लौटीं। ड्रामा में ‘गुड्डी’ के रूप में उनका शानदार प्रदर्शन नाटक की असल जान है।

इस नाटक की कहानी अभिनेता इमरान अशरफ ने लिखी है जिनका एक लेखक के रूप में दूसरा ड्रामा है। वह इसमें आदम की मुख्य भूमिका में हैं। इससे पहले उन्होंने ‘तामीर’ की कहानी लिखी थी लेकिन मुश्क की कहानी और उसके बोल ने उनकी लोकप्रियता में चार चाँद लगा दिए।

मुश्क की कहानी एक छोटे से गाँव के दो परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें बड़े हवेली में जमींदारों के षड्यंत्र, प्रेम, विश्वासघात और वर्चस्व को दिखाया गया है।

मुश्क के अब तक 17 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। इसका ओएसटी भी बहुत मकबूल हुआ।, जिसमें अली जफर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा था। इसके अलावा, मुश्क के कुछ डायलॉग भी बहुत लोकप्रिय हुए।

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