हेल्थ केयर के बजाए हथियारों पर कोरोना संकट में भारत ने खूब उड़ाए पैसे: रिपोर्ट

हेल्थ केयर के बजाए हथियारों पर कोरोना संकट में भारत ने खूब उड़ाए पैसे: रिपोर्ट

पिछले एक साल से दुनियाभर में कोरोना ने तबाही मचा रखी है। भारत जैसे देश में त्राहि-त्राहि की स्थिति है। अस्पताल, दवा और ऑक्सीजन के अभाव में लोग सड़कों पर मर रहे हैं। लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत वह हथियारों पर पैसे उड़ा रही है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के देशों में हथियारों की होड़ जारी है। सालभर में कुल वैश्विक सैन्य खर्च 1,981 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। सैन्य खर्च में साल 2019 के मुकाबले 2020 में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

साल 2020 में पांच सबसे अधिक सैन्य खर्च करने वालों में भारत भी शामिल है। जिन देशों ने सबसे अधिक खर्ज किए हैं उनमें अमेरिका, चीन, भारत, रूस और ब्रिटेन के नाम शामिल हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे अधिक सैन्य खर्च करने वाला देश है। कमाल की बात ये कि इस कड़ी में रूस और ब्रिटेन भारत से पीछे हैं।

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स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है, “दुनिया के सैन्य खर्च में 2.6 फीसदी की ये बढ़त उस साल हुई है जब कोविड-19 महामारी की वजह से ग्लोबल जीडीपी में 4.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।”

हेल्थ केयर के बजाए हथियारों पर कोरोना संकट में भारत ने खूब उड़ाए पैसे: रिपोर्ट

सिपरी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, “दुनियाभर में 2020 में सेना पर होने वाला खर्च 1,981 अरब डॉलर रहा है जो 1988 के बाद सबसे ज्यादा है। 2020 में पूरी दुनिया में होने वाले सैन्य खर्च में भारत की हिस्सेदारी 3.7 फीसदी है जो अमेरिका और चीन के बाद तीसरे पायदान पर है।”

साल 2020 के टॉप मिलिटरी स्पेंडर अमेरिका, चीन, भारत, रूस और इंग्लैंड रहे। दुनिया के कुल सैन्य खर्च में इन देशों की भागीदारी कुल 62 फीसदी रही है। भारत का सैन्य खर्च 2019 की तुलना में 2020 में 2 फीसदी ज्यादा रहा। 2020 में भारत का सैन्य खर्च 72.9 अरब डॉलर रहा।

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सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की तरफ से बढ़ते सैन्य खर्च की अहम वजह हाल के दिनों में चीन और पाकिस्तान के साथ उसका बढ़ता तनाव है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका 2020 में दुनिया का सबसे बड़ा मिलिटरी स्पेंडर बना रहा। दुनियाभर के सैन्य खर्च में अकेले अमेरिका की हिस्सेदारी 39 फीसदी रहा।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का 2020 में मिलिटरी खर्च 778 अरब डॉलर पहुंच गया है जो 2019 की तुलना में 4.4 फीसदी अधिक है। अमेरिका के मिलिटरी खर्च में सात साल की लगातार गिरावट के बाद बीते तीन सालों से बढ़त देखने को मिल रही है।

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2020 में सैन्य खर्च के मामले में चीन दूसरे नंबर पर रहा है। बीते साल इसका सैन्य खर्च 252 अरब डॉलर रहा है। सिपरी के रिपोर्ट मुताबिक, पिछले लगातार 26 सालों से चीन के सैन्य खर्च में बढ़ोत्तरी हो रही है।

टॉप 5 देशों का कुल खर्च
अमेरिका – 778 अरब डॉलर
चीन – 252 अरब डॉलर
भारत – 72.9 अरब डॉलर
रूस – 61.7 अरब डॉलर
ब्रिटेन – 59.2 अरब डॉलर


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