Author: Anish Ankur (अनीश अंकुर)

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संस्मरण: विद्याभूषण द्विवेदी जिन्हें बिहार का सफदर हाशमी कहते थे
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संस्मरण: विद्याभूषण द्विवेदी जिन्हें बिहार का सफदर हाशमी कहते थे

लगभग दो महीने रहने के पश्चात 16 जुलाई, 1996 को विद्याभूषण द्विवेदी वापस दिल्ली जा रहे थे। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का प्रथम वर्ष पूरा करने के पश्चात वे गर्मी की छुट्टियों में पटना आए थे। पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म न. 2 पर उनके चाहने वाले उन्हें विदा करने पहॅंचे थे। खासी संख्या में प्रेरणा...

फिदेल कास्त्रो की पुण्यतिथि: अगर क्यूबा गिरा तो हम सब गिर जाऐंगे
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फिदेल कास्त्रो की पुण्यतिथि: अगर क्यूबा गिरा तो हम सब गिर जाऐंगे

आज 25 नवम्बर है। पांच वर्ष पूर्व आज ही के दिन क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति तथा लैटिन अमेरिका सहित समूची दुनिया में क्रांतिकारी शक्तियों के प्रतीक पुरुष फिदेल कास्त्रो का नब्बे साल की उम्र में निधन हो गया था। फिदेल कास्त्रो के बाद क्यूबा में साम्रजावादी ताक़तें खुले रूप से वहां की कम्युनिस्ट सरकार को...

कार्यानन्द शर्मा: सोशलिस्ट से कम्युनिस्ट बनने वाला किसान नेता
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कार्यानन्द शर्मा: सोशलिस्ट से कम्युनिस्ट बनने वाला किसान नेता

प्रख्यात किसान नेता कार्यानन्द शर्मा की 120 वीं जयन्ती-17 अगस्त, के अवसर पर। भाग-2 बड़हिया टाल के संघर्ष का काल 1937-39 है। देश की राजनीति में यह काल बेहद हलचलों से भरा था। 1937 में श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बन चुकी थी (1935 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट के तहत)। मुंगेर...

कम्युनिस्ट किसान नेता जिसने गांधी हत्या की भविष्यवाणी की थी
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कम्युनिस्ट किसान नेता जिसने गांधी हत्या की भविष्यवाणी की थी

आज प्रख्यात किसान नेता कार्यानन्द शर्मा की 120वीं जयंती है। बिहार के पुराने मुंगेर व सन्थाल परगना जिले को अपना कार्यक्षेत्र बनाने वाले कार्यानन्द शर्मा महान क्रांतिकारी किसान नेता स्वामी सहजानन्द सरस्वती के सबसे अनन्य सहयोगियों में माने जाते हैं। कार्यानन्द शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए मुंगेर व सन्थाल परगना जिले में चानन व...

वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति- फिदेल कास्त्रो
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वर्तमान और भविष्य के बीच संघर्ष का नाम है क्रांति- फिदेल कास्त्रो

आज लैटिन अमेरिकी महादेश के विश्विविख्यात क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो का जन्म 95 वां दिन है। पिछले दिनों जिस ढंग से अमेरिका ने क्यूबा में दखल देने की कोशिश कर सत्ता परिवर्तन के लिए प्रयास कर रही है वैसे में फिदेल कास्त्रो की स्मृति न सिर्फ क्यूबा बल्कि समूची दुनिया में साम्राज्यवाद विरोधी संघर्षों को आवेग...

साहित्य में नायक की पारंपरिक अवधारणा बदल दी प्रेमचंद ने
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साहित्य में नायक की पारंपरिक अवधारणा बदल दी प्रेमचंद ने

मुझे पिछले वर्ष भी हाजीपुर के इस गांधी आश्रम में आने का मौका मिला था। हाजीपुर की सबसे अच्छी बात ये है कि यहां हमेशा प्रेमंचद जयंती दो तीन दिनों के बाद मनाई जाती है। वैसे भी 31 जुलाई को हर जगह प्रेमचंद जयंती कार्यक्रमों की धूम मची रहती है। पूरे बिहार में छोटी-छोटी जगहों,...

स्वामी सहजानंद : तीसरी दुनिया के जनांदोलनों के ऑर्गेनिक इंटेलेक्चुअल
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स्वामी सहजानंद : तीसरी दुनिया के जनांदोलनों के ऑर्गेनिक इंटेलेक्चुअल

अभी हाल में सवर्ण जाति के लोगों के नरंसहार, सेनारी नरसंहार, के अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में अदालत से बरी हो गए। अब तक पिछड़ी व दलित जातियों के नरसंहार के सवर्ण आरोपी ही दोषमुक्त होते रहे हैं। लेकिन पहली बार सवर्ण जाति के किसानों के नरसंहार के अभियुक्तों (मुख्यतः पिछड़े-दलित तबके से आने वाले)...

कम्युनिस्ट नैतिकता के बिना आर्थिक समाजवाद मुझे आकर्षित नहीं करता
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कम्युनिस्ट नैतिकता के बिना आर्थिक समाजवाद मुझे आकर्षित नहीं करता

पीठ पर बंधे थैले के वजन से दब कर वे जमीन पर गिर पड़े। किसी तरह बैठने के बाद थैले को उन्होंने मुश्किल से उतारा। अपनी डायरी के लिए थैले के अंदर हाथ डाल टटोला। थैले के बाकी चीजों के बीच डायरी थोड़ी छुपी सी थी। उन्होंने इलाके के भौगौलिक नक्शे को पीछे किया। इस...

स्वामी सहजानन्द सरस्वती: स्वाधीनता आंदोलन की जमींदार विरोधी धारा के नायक
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स्वामी सहजानन्द सरस्वती: स्वाधीनता आंदोलन की जमींदार विरोधी धारा के नायक

पटना से 30-35 किलोमिटर पश्चिम बिहटा आजकल इंडस्ट्रियल हब के रूप में परिणत होता जा रहा है। यहां आई.आई.टी बनकर तैयार है। साथ ही कई उद्योग लगाए गए हैं। रेल और सड़क मार्ग दोनों से जुड़े होने के कारण इस क्षेत्र का काफी तेजी से अब शहरीकरण होता जा रहा है। बिहटा के दक्षिण, सड़क...

Opinion ∣ बिहार की चुनावी राजनीति में वामपंथी दल
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Opinion ∣ बिहार की चुनावी राजनीति में वामपंथी दल

बिहार के पिछले तीन दशकों के चुनावी इतिहास में तीनों प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टियां, भाकपा, माकपा और भाकपा-माले (लिबरेशन) राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही थी। नब्बे के दशक के प्रारंभिक वर्षों में भी तीनों दल साथ थे लेकिन भाकपा-माले के जब सात में से पांच विधायक लालू प्रसाद ने तोड़ लिए उसके बाद राजद...