BJP नेता नारायण राणे के खिलाफ शिवसेना का बवाल, प्रर्दशन, पथराव और लाठीचार्ज

BJP नेता नारायण राणे के खिलाफ शिवसेना का बवाल, प्रर्दशन, पथराव और लाठीचार्ज

महाराष्ट्र के मुख्मयंत्री उद्धव ठाकरे को ‘थप्पड़ मारने’ वाले बयान के बाद शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने आज मंगलवार को जमकर बवाल काटा। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के घर पर न सिर्फ पथराव किया गया बल्कि सड़क पर राणे के फोटो के साथ मुर्गी चोर (कोंबड़ी चोर) लिखकर पोस्टर लगा दिया गया। तनाव के बाद भाजपा और शिवसेना मंगलवार को आमने-सामने आ गई और जमकर हंगामा किया। राणे के खिलाफ अपमानजनक और घृणास्पद बयान देने के आरोप में आईपीसी की धारा 500, 505 (2), 153-बी, (1) (सी) के तहत केस दर्ज किया गया है।

शिवसैनिकों ने मुंबई में जूहू स्थित राणे के घर के बाहर जमकर हंगामा किया। आज सुबह से भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा भी सुबह से वहां शुरू हो गया था। इस बीच, शिवसेना के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचने लगे। हालात को संभालने के लिए वहां पर काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे, पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने वहां लाठीचार्ज किया और किसी तरह दोनों तरफ के लोगों वहां से भगाया। पत्थरबाजी में दो पुलिसवालों के सिर में चोटें आई हैं।

औरंगाबाद में केंद्रीय मंत्री के विरोध में शिवसेना के सदस्यों ने चप्पल मारो आंदोलन किया। वहीं, नासिक में शिवसैनिकों ने बीजेपी के दफ्तर पर पथराव कर दिया। वहीं, सांगली में शिवसैनिकों ने राणे से जुड़े पोस्टर पर कालिख फेंकी, जबकि दादर में उन्हें मुर्गी चोर बताते हुए बैनर लगा दिया। दरअसल, राणे करीब पांच दशक पहले चेंबूर में राणे ‘पॉल्ट्री’ की दुकान चलाते थे।

BJP नेता नारायण राणे के खिलाफ शिवसेना का बवाल, प्रर्दशन, पथराव और लाठीचार्ज

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हालांकि, राणे ने कहा है कि उन्होंने जो कहा वह अपराध नहीं है। उनके खिलाफ नाशिक, पुणे और महाड़ में तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं। उधर, शिवसेना के लोगों ने कहा है कि नारायण राणे ने जो हमारे सीएम को लेकर गलत शब्द का प्रयोग किया है, हम इसका निषेध करते हैं और उसे चेलेंज करते हैं वो बिना सुरक्षा के यहां घूमकर दिखाएं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, भाजपा नेता नारायण राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ में हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने कहा था, “यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हुए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।”

बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके नारायण राणे पहले शिवसेना में रहे चुके थे। हालांकि, बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे और फिर 2019 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर लिया था। हालांकि, जब उनसे अपने बयाने को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

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उन्होंने मीडिया से कहा, “मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मेरी गिरफ्तारी की आ रही खबरें झूठी हैं। मुझे किसी कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी का नोटिस नहीं मिला है।” उन्होंने आगे कहा, “पुलिस को पहले मेरे बयान की जांच करनी चाहिए कि क्या यह कोई अपराध की ओर जाता है। उन्हें यह समझना चाहिए कि केंद्र में हमारी सरकार है।”

जब उनसे सीएम उद्धव ठाकरे को लेकर सवाल उठाया तो उन्होंने कहा, “सीएम ठाकरे ने भी बीजेपी नेता प्रसाद लाल के लिए कुछ हफ्तों पहले ऐसा ही बयान दिया था। इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?”

स्पोर्ट में उतरी भाजपा

वहीं, महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने भी लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल किया था। दशहरा रैली के दौरान भी उनकी भाषा आपत्तिजनक थी।” उन्होंने कहा, “संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कोई भी सरकार/प्राधिकरण केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के गिरफ्तार नहीं कर सकती।”

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दूसरी तरफ, शिवसेना ने राणे को केंद्रीय कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी नेता विनायक राउत ने कहा, “मैं आज पीएम मोदी से मिलकर और मेरी पार्टी के नाम पर उन्हें एक पत्र दूंगा।”

बताया जा रहा है कि नाशिक पुलिस की एक टीम कोंकण क्षेत्र में चिपलून के लिए निकली है। यहीं पर राणे मौजूद हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नाशिक पुलिस आयुक्त दीपक पांड ने उपायुक्त संजय बरकुंड को राणे को गिरफ्तार करने और उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए एक टीम बनाने को कहा है। पुलिस आयुक्त कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, मैंने डीसीपी स्तर के अधिकारी संजय बरकुंड को एक टीम गठित करने और गिरफ्तार करने के बाद राणे को कोर्ट के सामने पेश करने के लिए कहा है।


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