योगी के बयान पर ओवैसी बोले- अगर काम किए होते तो अब्बा-अब्बा नहीं चिल्लाना पड़ता बाबा

योगी के बयान पर ओवैसी बोले- अगर काम किए होते तो अब्बा-अब्बा नहीं चिल्लाना पड़ता बाबा

हैदराबाद से लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘अब्बाजान’ वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है, ”कैसा तुष्टीकरण? प्रदेश के मुसलमानों की साक्षरता-दर सबसे कम है। मुस्लिम बच्चों बीच में ही पढ़ाई छोड़ने में सबसे आगे हैं। मुस्लिम इलाकों में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जाते। अल्पसंख्यकों के विकास के लिए केंद्र सरकार से बाबा की सरकार को 16207 लाख मिले थे, बाबा ने सिर्फ ₹1602 लाख खर्च किया।”

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एक दूसरे दूसरे ट्वीट में AIMIM प्रमुख ने कहा, ”2017-18 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मात्र 10 मुसलमानों को घर मिले। अब्बा के बहाने किसके वोटों का तुष्टीकरण हो रहा है बाबा? देश के 9 लाख बच्चे गंभीर तौर पर कुपोषित हैं, जिनमें से चार लाख बच्चे सिर्फ यूपी से हैं।”

ओवैसी ने आगे कहा, ”ग्रामीण उत्तर प्रदेश में 13944 सब-सेंटर्स की कमी है, 2936 पीएचसी की कमी है, 53% सीएचसी की कमी है। केंद्र सरकार के मुताबिक़ बाबा-राज में यूपी के पीएचसी में सबसे कम डॉक्टर मौजूद हैं। कुल 2277 डॉक्टरों की कमी है। अगर काम किए होते तो अब्बा, अब्बा चिल्लाना नहीं पड़ता।”

योगी के बयान पर ओवैसी बोले- अगर काम किए होते तो अब्बा-अब्बा नहीं चिल्लाना पड़ता बाबा

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दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने 12 सितंबर यानी रविवार को राज्य की पहले की सरकारों पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया था। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, उन्होंने कहा, “क्या ये राशन 2017 के पहले भी मिलता था? क्योंकि तब तो अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे। तब कुशीनगर का राशन नेपाल पहुंच जाता था, बांग्लादेश पहुंच जाता था।”

उन्होंने आगे कहा, “अब ग़रीबों का राशन कोई नहीं निगलेगा, तो राशन नहीं निगल पाएगा, लेकिन जेल चला जाएगा।” उनके बयान पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया की थी। कई लोगों ने योगी के इस बयान को ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा बताया था।


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