बांके बिहारी लड्डू गोपाल के जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर बनाएं कृष्ण के प्रिय भोग

बांके बिहारी लड्डू गोपाल के जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर बनाएं कृष्ण के प्रिय भोग

बांके बिहारी लड्डू गोपाल का आज ही के दिन जन्म हुआ था। आज देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जा रहा है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन घर-घर में कान्हा को विराजा जाता है। उनका श्रृंगार किया जाता है। उन्हें नए कपड़े, बांसुरी, मुकुट और मोरपंख लगाया जाता है। लेकिन कोरोना के कारण हर साल जिस धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाता था वो रौनक तो इस बार नहीं होगी।

लेकिन नटखट गोपाल की पूजा हर घर में आज के दिन की जाती है। आज के दिन कृष्ण के प्रेम में खो जाने का है। यूँ कहूँ तो जन्माष्टमी के समय लोग कृष्णमय हो जाते हैं। उनके प्रेम और भक्ति में लीन होने के बाद किसी को अपनी सुध नहीं रहती। उन्हें कई नामों से जाना जाता है- गोपाल, लड्डू, माखन चोर, गोपाला, मुरलीधर, मुरली, नंदलाल, श्याम। कृष्ण के 108 नाम है। चाहे जिस भी नाम से पुकारो। कृष्ण की प्रेम दीवानी हर कोई है।

ऐसे तो भगवान कृष्ण को माखन बहुत पसंद है। उससे जुड़ी कई कहानियां भी हमने सुन रखी है। लेकिन उन्हें कुछ खास भोजन पसंद हैं। आज के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं। उन्हें ‘छप्पन भोग’ चढ़ाएं जाते हैं। जिनमें खीर, पंचामृत, पंजिरी और हलवा शामिल हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सबसे महत्वपूर्ण प्रसादों में से एक पंजिरी है। चीनी और घी में तले हुए गेहूं के आटे के साथ बनाया गया एक पूरक पोषण है जो मेवे के साथ बनाया जाता है। कुछ लोग आटे की जगह धनिया की भी पंजीरी बनाते हैं।

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माखनचोर को जो सबसे ज्यादा पसंद है वो है आटा पंजरी, मखाना पग, धनिया पंजीरी और पंचामृत। तओ चलाइये बनाते हैं मिलकर लड्डू गोपाल की फेवरट भोजन।

मखाना पाग

लड्डू गोपाल को मखना पाग मिठाई बहुत पसंद है। इसे बहुत ही आसानी से घर पर बनाया जा सकता है। इसको बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए-

  1. 50 ग्राम मखाने
  2. डेढ़ कप चीनी
  3. 2 बड़े चम्मच घी

बनाने की विधि:

सबसे पहले मध्यम आंच पर एक कड़ाही में घी डालकर मखाने भून लें। अब एक दूसरी कड़ाही में चीनी की चाशनी बना लें और भुने हुए मखानों को चाशनी में डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। तीन तार की चाशनी बहुत गाढ़ी होती है यह मखानों में आसानी से लिपट जाती है।

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आटे की पंजीरी

बांके बिहारी लड्डू गोपाल के जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर बनाएं कृष्ण के प्रिय भोग

आटे की पंजीरी बनाने की सामग्री-

  1. एक कटोरी आटा
  2. आधा कटोरी चीनी
  3. 3 से 4 चम्मच घी
  4. आधा कटोरी मखाना
  5. 6-7 काजू
  6. किशमिश
  7. कसा हुआ नारियल

बनाने की विधि:

आटे की पंजरी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन गैस पर चढ़ाएं। पैन गर्म हो जाएं तो उसमें एक चम्मच घी डालें। धी में काजू, बादाम को डालकर भूनें। साथ ही मखाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में कर लें।

पैन में अब किशमिश डालें और तीनों को कलर बदलने पर बाहर निकाल लें। इसी पैन में अब मखाने को भूनें। अब इसी पैन में आप कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें और रंग बदलने भूनें। अब सभी को किसी कटोरी में निकाल लें। और पैन में फिर से घी डालें।

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सजे बाद उसमें आटा डालें और इसको ब्राउन होने तक भूनें। गैस बंद कर दें। इसको ठंडा करें और उसके बाद उसमें पीसी हुई चीनी, मखाना, नट्स और नारियल को डालकर मिक्स कर लें। आपकी आटा पंजरी तैयार है। आखिर में ऊपर से तुलसी का पत्ता डालकर भोग लगाएं क्योंकि लड्डू गोपाल को तुलसी बहुत ही प्रिय है। इसलिए तुलसी डालना न भूलें।

धनिया पंजीरी

धनिया पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले आपको धनिया को हल्का भून लें। फिर उसे मिक्सी में पीस लें। साथ मे ही मिश्री भी डाल दें और एक साथ पीस लें। बस धनिया पंजीरी बन गई। अगर उसमें आपको ड्राई फ्रूट्स डाल कर बनाना है तो ऊपर जैसे आटे की पंजीरी की रेसिपी हमने बताया है ठीक वैसे ही बनाए। बस धनिया को पहले पीस लें।

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पंचामृत

बांके बिहारी लड्डू गोपाल के जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर बनाएं कृष्ण के प्रिय भोग

पंचामृत नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि यह पांच चीजों के मिश्रण से बनाया जाता है। तो वो पांच चीज क्या है। वो है- दही, दूध, शहद, घी, तुलसी का पत्ता। हालांकि, इसमें पका केला, गुड़, ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं। इसे बनाने के लिए एक बड़ा बाउल लीजिए।

अब उसमें दही, दूध, केला, गुड़, शहद, घी, तुलसी का पत्ता, ड्राई फ्रूट्स सब के साथ डाल कर मिला लीजिए। चाहे तो इसमें मखाना भी डाल सकते हैं। याद रहे उन्हें खीरा का भोग लगाना न भूले। क्योंकि उन्हें खीरा बहुत प्रिय है।

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